मध्य प्रदेश गेहूं खरीदी 2026: 1 अप्रैल से शुरू, एमएसपी 2625 रुपये, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण

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भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस बार प्रदेश में रिकॉर्ड 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 4 लाख अधिक है। खरीदी दो चरणों में की जाएगी, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग से होगी।

मुख्य विवरण (At a Glance)

नीचे दी गई तालिका में इस वर्ष की गेहूं खरीदी से जुड़ी प्रमुख जानकारियाँ संक्षेप में प्रस्तुत हैं:

विवरण जानकारी
विपणन वर्ष 2026-27 (रबी सीजन)
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,625 प्रति क्विंटल (आधार मूल्य ₹2,585 + राज्य बोनस ₹40)
पंजीकृत किसानों की संख्या 19,04,651 (उन्नीस लाख चार हजार छह सौ इक्यावन)
खरीदी प्रारंभ (पहला चरण) 1 अप्रैल 2026 – इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम संभाग
खरीदी प्रारंभ (दूसरा चरण) 7 अप्रैल 2026 – ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल संभाग
खरीदी का समय प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक (सरकारी कार्य दिवसों में)
भुगतान का माध्यम किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में डीबीटी (DBT) से
सत्यापन विधि ओटीपी (OTP) आधार-लिंक मोबाइल पर या बायोमेट्रिक डिवाइस से

खरीदी की तारीखें और संभागवार विवरण

राज्य सरकार ने इस बार गेहूं खरीदी को दो चरणों में विभाजित किया है, ताकि सभी किसानों को सुविधा हो सके और उपार्जन केंद्रों पर भीड़ न हो।

पहला चरण – 1 अप्रैल 2026 से

निम्नलिखित चार संभागों के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी प्रारंभ होगी:

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  • इंदौर संभाग: इंदौर, धार, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर

  • उज्जैन संभाग: उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा

  • भोपाल संभाग: भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर, रायसेन

  • नर्मदापुरम संभाग: नर्मदापुरम (होशंगाबाद), हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा

दूसरा चरण – 7 अप्रैल 2026 से

शेष संभागों के जिलों में 7 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी:

  • ग्वालियर संभाग: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर

  • जबलपुर संभाग: जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट

  • रीवा संभाग: रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर (मऊगंज)

  • सागर संभाग: सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, निवाड़ी

  • शहडोल संभाग: शहडोल, उमरिया, अनूपपुर

जिलेवार पंजीकृत किसानों की संख्या (प्रमुख जिले)

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं बेचने के लिए किसानों ने रिकॉर्ड पंजीकरण किया। नीचे कुछ प्रमुख जिलों के पंजीकृत किसानों का विवरण दिया जा रहा है:

जिला पंजीकृत किसान (लगभग) जिला पंजीकृत किसान (लगभग)
उज्जैन 1,23,281 सीहोर 1,01,793
राजगढ़ 98,537 विदिशा 86,479
शाजापुर 73,878 रायसेन 76,264
सागर 75,791 देवास 76,442
नर्मदापुरम 71,831 जबलपुर 49,642
सतना 56,376 सिवनी 53,288
इंदौर 71,713 हरदा 40,273

नोट: उपरोक्त आंकड़े खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी प्रारंभिक सूची पर आधारित हैं। अंतिम संख्याओं में मामूली अंतर हो सकता है।

एमएसपी में बढ़ोतरी: 2625 रुपये प्रति क्विंटल

इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है। इस प्रकार प्रदेश में गेहूं की प्रभावी खरीद दर 2,625 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।

यह बोनस राज्य सरकार की ओर से किसानों को सीधा प्रोत्साहन है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 100 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। पिछले विपणन वर्ष में गेहूं 2,525 रुपये प्रति क्विंटल (केंद्रीय MSP 2,425 + राज्य बोनस 100) की दर से खरीदा गया था।

भुगतान प्रक्रिया: आधार-लिंक बैंक खाता अनिवार्य

सरकार ने किसानों को पारदर्शी और त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पूरी व्यवस्था डिजिटल बनाई है। गेहूं बेचने के बाद भुगतान निम्नलिखित प्रक्रिया से होगा:

  1. प्राथमिकता: भुगतान सीधे किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में किया जाएगा।

  2. वैकल्पिक व्यवस्था: यदि किसी कारणवश आधार-लिंक खाते में भुगतान संभव न हो, तो पंजीकरण में दिए गए अन्य बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा।

  3. सत्यापन विधि: उपार्जन केंद्र पर किसान की पहचान दो तरीकों से सत्यापित की जाएगी –

    • आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी (OTP) के माध्यम से

    • या बायोमेट्रिक डिवाइस (अंगूठे की पहचान) से

किसानों के लिए सुविधाएँ

जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ:

  • छांव की व्यवस्था (शेड)

  • पीने का स्वच्छ पानी

  • शौचालय की सुविधा

  • प्रतीक्षा स्थल

  • प्राथमिक चिकित्सा किट

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: गेहूं खरीदी के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि क्या थी?
उत्तर: रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने हेतु पंजीकरण की प्रक्रिया 10 मार्च 2026 को पूरी हो चुकी है। अब नए पंजीकरण नहीं किए जा रहे हैं।

प्रश्न 2: क्या सभी जिलों में एक ही तारीख से खरीदी शुरू हो रही है?
उत्तर: नहीं, खरीदी दो चरणों में होगी। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से तथा शेष सभी संभागों (ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल) में 7 अप्रैल 2026 से खरीदी प्रारंभ होगी।

प्रश्न 3: गेहूं की कीमत कितनी रखी गई है?
उत्तर: केंद्र सरकार का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है। मध्य प्रदेश सरकार ने 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को 2,625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे।

प्रश्न 4: भुगतान कब और कैसे मिलेगा?
उत्तर: गेहूं बिक्री के बाद भुगतान सीधे किसान के आधार-लिंक बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से किया जाएगा। भुगतान में आमतौर पर 3 से 7 दिन का समय लगता है।

प्रश्न 5: क्या उपार्जन केंद्र पर किसान की पहचान के लिए कोई शुल्क लिया जाता है?
उत्तर: नहीं, सत्यापन और पहचान प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।

प्रश्न 6: यदि मेरा आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है तो क्या होगा?
उत्तर: सरकार ने भुगतान के लिए आधार-लिंक बैंक खाते को अनिवार्य किया है। यदि आपका खाता लिंक नहीं है, तो जल्द से जल्द अपने बैंक में जाकर आधार लिंक करा लें। वैकल्पिक रूप से, पंजीकरण में दिए गए अन्य खाते में भुगतान किया जा सकता है, लेकिन इसमें देरी हो सकती है।

प्रश्न 7: गेहूं खरीदी का समय क्या है?
उत्तर: गेहूं खरीदी प्रतिदिन सरकारी कार्य दिवसों में सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक की जाएगी। सार्वजनिक अवकाश के दिन खरीदी बंद रहेगी।

प्रश्न 8: क्या इस बार पिछले वर्ष से अधिक किसानों ने पंजीकरण किया है?
उत्तर: हाँ, इस बार 19,04,651 किसानों ने पंजीकरण किया है, जबकि पिछले वर्ष 15,44,000 किसानों ने पंजीकरण कराया था। यह लगभग 4 लाख किसानों की वृद्धि है।

प्रश्न 9: यदि मेरी फसल की गुणवत्ता खराब है तो क्या वह खरीदी जाएगी?
उत्तर: सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल उचित गुणवत्ता (फसल की नमी, सफाई आदि) वाले गेहूं की ही खरीदी करती है। यदि फसल निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती, तो उसे खरीदने से मना किया जा सकता है।

प्रश्न 10: क्या मैं किसी भी उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेच सकता हूँ?
उत्तर: किसानों को उनके पंजीकरण के समय चयनित उपार्जन केंद्र पर ही गेहूं बेचना होता है। केंद्र बदलने के लिए संबंधित जिला प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ती है।

महत्वपूर्ण सुझाव

  • उपार्जन केंद्र पर जाने से पहले पंजीकरण की पावती और आधार कार्ड अवश्य साथ रखें।

  • अपने बैंक खाते की आधार से लिंकिंग की स्थिति पहले ही जांच लें।

  • फसल को साफ-सुथरा रखें, नमी कम होने से गुणवत्ता अच्छी रहती है।

  • केंद्र पर किसी भी प्रकार की समस्या होने पर जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश सरकार ने इस वर्ष गेहूं खरीदी को लेकर व्यापक तैयारी की है। रिकॉर्ड पंजीकरण, एमएसपी में बोनस, डिजिटल भुगतान प्रणाली और किसानों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ यह खरीदी सीजन प्रदेश के किसानों के लिए लाभकारी रहेगा। सभी पंजीकृत किसानों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथियों और समय पर ही उपार्जन केंद्रों पर जाएँ और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएँ।

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