रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर जिले में आयोजित एक विशेष श्रमिक सम्मेलन के दौरान 79,340 श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के बैंक खातों में 27.15 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की। यह वित्तीय सहायता प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी गई, जिससे पारदर्शिता और गति सुनिश्चित हुई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य और राज्य सरकार की प्रतिबद्धताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार श्रमिक वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और यह धनराशि उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास है।
कार्यक्रम में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ईंधन आपूर्ति को लेकर सीएम ने दिया भरोसा
मुख्यमंत्री साय ने सम्मेलन में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के संदर्भ में ईंधन की उपलब्धता को लेकर लोगों में फैल रही अफवाहों पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की मजबूत विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर स्थापित मित्रता के कारण पेट्रोल, डीजल या एलपीजी गैस की आपूर्ति पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक खबरें और अफवाहें फैला रहे हैं। मैं प्रदेशवासियों से अपील करता हूं कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही ईंधन का अनावश्यक भंडारण करें। सरकार आपको निर्बाध रूप से ईंधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह सक्षम है।”
श्रमिक कल्याण की व्यापक योजनाएं
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य और केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित 12 से अधिक योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसे मूलभूत मुद्दों पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।
| योजना/सहायता का क्षेत्र | विवरण एवं लाभ |
|---|---|
| प्रसव सहायता | पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। |
| आवास सहायता | श्रमिकों को मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। |
| स्वरोजगार प्रोत्साहन | श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए सहायता राशि पहले 1 लाख से बढ़ाकर अब 1.5 लाख रुपये कर दी गई है। |
| शिक्षा प्रोत्साहन | श्रमिकों के बच्चों को 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में शीर्ष-10 में स्थान मिलने पर 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। |
| मेधावी छात्रवृत्ति | मेधावी बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लाभार्थियों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। |
| भूमिहीन कृषि मजदूर योजना | भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के तहत सालाना 10,000 रुपये की सहायता दी जाती है। हाल ही में 495 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। |
| भविष्य निधि (पीएफ) सार्वभौमीकरण | श्रमिक अब देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं। |
| पेंशन सुरक्षा | श्रमिकों की न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1,000 रुपये किया गया है। |
| स्वास्थ्य सुविधा | ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। |
श्रमिकों के उज्जवल भविष्य की ओर कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने श्रमिकों के जीवन में स्थिरता लाने के लिए भविष्य निधि (पीएफ) प्रणाली का सार्वभौमीकरण किया है। इससे श्रमिकों को नौकरी बदलने या राज्य बदलने पर भी अपने पीएफ लाभों को जारी रखने में आसानी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि न्यूनतम पेंशन राशि बढ़ाने से वृद्ध श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में, ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण और नि:शुल्क उपचार की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री द्वारा श्रमिकों के खातों में भेजी गई कुल राशि कितनी है और कितने श्रमिक लाभान्वित हुए हैं?
उत्तर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों के बैंक खातों में कुल 27.15 करोड़ रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से अंतरित की।
प्रश्न 2: यह वित्तीय सहायता किस योजना के तहत दी गई है?
उत्तर: यह सहायता छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के माध्यम से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी गई है। यह राशि श्रमिकों के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसे विभिन्न मदों में वितरित की गई।
प्रश्न 3: भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए क्या योजना है?
उत्तर: राज्य सरकार ‘दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ संचालित कर रही है। इसके तहत पात्र भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। हाल ही में इस योजना के तहत लाखों मजदूरों को 495 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है।
प्रश्न 4: श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में क्या प्रोत्साहन मिलता है?
उत्तर: यदि किसी पंजीकृत श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में राज्य स्तर पर शीर्ष-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा, मेधावी बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा देने के लिए लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
प्रश्न 5: पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण ईंधन की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या आश्वासन दिया?
उत्तर: मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और मजबूत वैश्विक संबंधों के कारण पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की।
प्रश्न 6: श्रमिकों के लिए भविष्य निधि (पीएफ) और पेंशन में क्या नई सुविधा दी गई है?
उत्तर: सरकार ने भविष्य निधि (पीएफ) प्रणाली का सार्वभौमीकरण किया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं। साथ ही, श्रमिकों की न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है।