हरियाणा सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य के कृषि मंत्री ने बताया कि इस बार सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं की हैं। सबसे अहम बात यह है कि इस बार किसानों को उनकी उपज का भुगतान मात्र 72 घंटों के अंदर सीधे उनके बैंक खातों में कर दिया जाएगा। यह कदम किसानों को नकदी संकट से बचाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
इस लेख में हम आपको हरियाणा गेहूं खरीद 2026 की पूरी जानकारी देंगे – तिथियाँ, मंडी व्यवस्था, भुगतान प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, तालिकाएँ और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)।
योजना का अवलोकन
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| फसल | गेहूँ (रबी सीजन 2026) |
| राज्य | हरियाणा |
| खरीद शुरू | अप्रैल 2026 (प्रथम सप्ताह) |
| खरीद अवधि | अप्रैल से जून 2026 (अनुमानित) |
| न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) | केंद्र सरकार द्वारा घोषित (प्रति क्विंटल) |
| भुगतान समय सीमा | 72 घंटे (3 दिन) |
| भुगतान मोड | डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) |
| मंडियों की संख्या | लगभग 450+ (सभी जिलों में) |
| लक्षित खरीद | लगभग 85-90 लाख मीट्रिक टन (अनुमान) |
हरियाणा में गेहूं खरीद 2026: मुख्य बिंदु
1. मंडियों में पुख्ता इंतजाम
सरकार ने सभी प्रमुख मंडियों में तौल, गुणवत्ता जांच, और भंडारण की व्यवस्था पहले ही कर ली है। अतिरिक्त ट्रॉलर, बोरियां, और कवरिंग शेड लगाए गए हैं। किसानों के लिए पेयजल, छाया, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
2. ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य
इस बार केवल वे किसान ही अपनी उपज बेच सकेंगे जिन्होंने “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल पर पहले से पंजीकरण कराया हो। यह पंजीकरण निःशुल्क है और इससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल वास्तविक किसान ही लाभान्वित हों।
3. 72 घंटे में भुगतान – कैसे?
खरीद के बाद किसान का बैंक खाता (जो आधार से लिंक हो) स्वचालित रूप से भुगतान प्रणाली से जुड़ जाता है। तौल और बिलिंग के बाद, सरकारी एजेंसी (जैसे हरियाणा राज्य सहकारी बैंक, हैफेड, कांटिनेंटल) 72 घंटे के अंदर राशि ट्रांसफर कर देती है। यदि किसी कारण से देरी होती है, तो किसान को ब्याज का भी प्रावधान है।
4. MSP पर खरीद
हरियाणा सरकार केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदती है। 2026-27 के लिए MSP की घोषणा केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 में कर दी गई है। (मान लें: यदि MSP ₹2,500 प्रति क्विंटल है तो किसान को यही दर मिलेगी।)
गेहूं बेचने के लिए आवश्यक दस्तावेज
| दस्तावेज का नाम | क्यों जरूरी? |
|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान और बैंक लिंकिंग के लिए |
| भूमि के कागजात (खतौनी) | किसान होने का प्रमाण |
| बैंक पासबुक | भुगतान के लिए खाता संख्या |
| पंजीकरण रसीद (मेरी फसल मेरा ब्योरा) | ऑनलाइन पंजीकरण का प्रमाण |
| फसल बीमा पॉलिसी (यदि ली हो) | वैकल्पिक |
| पैन कार्ड (₹2.5 लाख से अधिक लेनदेन पर) | कर कटौती के लिए |
चरणबद्ध प्रक्रिया: मंडी में गेहूं कैसे बेचें?
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पंजीकरण: ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल या CSC केंद्र पर जाकर पंजीकरण करें।
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मंडी चयन: अपनी नजदीकी मंडी चुनें और उपज ले जाएं।
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गुणवत्ता जांच: नमी, विदेशी पदार्थ आदि की जांच होगी। मानक खरे उतरने पर ही खरीदी होगी।
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तौल और बिलिंग: इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से तौल होगी और तुरंत बिल बन जाएगा।
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भुगतान: बिल के आधार पर 72 घंटे के भीतर राशि डीबीटी से खाते में आएगी।
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शिकायत: यदि भुगतान न आए या कमी हो तो जिला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
राज्य की प्रमुख गेहूं मंडियाँ
| जिला | मंडी का नाम | विशेषता |
|---|---|---|
| करनाल | करनाल मंडी | सबसे बड़ी, आधुनिक सुविधाएँ |
| हिसार | हिसार मंडी | तौल और भंडारण उत्कृष्ट |
| अंबाला | अंबाला कैंट मंडी | त्वरित भुगतान |
| पानीपत | समालखा मंडी | अच्छा सड़क संपर्क |
| रोहतक | रोहतक मंडी | अतिरिक्त कवरिंग शेड |
| सिरसा | सिरसा मंडी | सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए सुविधाजनक |
| जींद | जींद मंडी | नई तौल मशीनें लगाई गईं |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: हरियाणा में गेहूं खरीद 2026 कब से शुरू हो गई है?
उत्तर: अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह से खरीद शुरू हो गई है। सटीक तारीख जिला खाद्य विभाग की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
प्रश्न 2: क्या बिना पंजीकरण के गेहूं बेच सकते हैं?
उत्तर: नहीं, इस बार पंजीकरण अनिवार्य है। ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
प्रश्न 3: भुगतान 72 घंटे में न आए तो क्या करें?
उत्तर: आप अपने बैंक पासबुक में लेनदेन चेक करें। यदि नहीं आया तो संबंधित मंडी सचिव या जिला आपूर्ति अधिकारी से संपर्क करें। टोल-फ्री नंबर 1800-180-2026 (उदाहरण) पर भी शिकायत कर सकते हैं।
प्रश्न 4: MSP क्या है? क्या हरियाणा में अलग MSP है?
उत्तर: MSP न्यूनतम समर्थन मूल्य है जो केंद्र सरकार तय करती है। हरियाणा सरकार उसी MSP पर खरीद करती है, उससे कम नहीं। 2026-27 के MSP की घोषणा केंद्र सरकार ने कर दी है (विवरण के लिए आधिकारिक सूचना देखें)।
प्रश्न 5: क्या किसान सीधे प्राइवेट ट्रेडर को भी बेच सकता है?
उत्तर: हाँ, बेच सकता है, लेकिन तब उसे MSP नहीं मिलेगा और 72 घंटे के भुगतान की गारंटी नहीं होगी। सरकारी खरीद सुरक्षित विकल्प है।
प्रश्न 6: यदि गेहूं की नमी 14% से अधिक हो तो क्या होगा?
उत्तर: मानक से अधिक नमी (सामान्यतः 14% से अधिक) पर उपज अस्वीकार कर दी जाती है। किसान सलाह दी जाती है कि वह धूप में अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी लाए।
प्रश्न 7: क्या किरायेदार किसान भी उपज बेच सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यदि उनके पास भूमि मालिक से लीज/पट्टा समझौता है और भूमि के कागजात उनके नाम (या मालिक के नाम सहित) हैं, तो वे पंजीकरण करा सकते हैं।
प्रश्न 8: 72 घंटे की गणना कैसे होगी?
उत्तर: मंडी में बिल जनरेट होने के समय से 72 घंटे। उदाहरण: सोमवार सुबह 10 बजे बिल – गुरुवार सुबह 10 बजे तक भुगतान।
प्रश्न 9: क्या सभी मंडियों में 72 घंटे का भुगतान लागू है?
उत्तर: हाँ, राज्य की सभी 450 से अधिक अनाज मंडियों में यह व्यवस्था लागू है। कुछ दूरस्थ मंडियों में अधिकतम 96 घंटे (चार दिन) का प्रावधान है, लेकिन सरकार का लक्ष्य 72 घंटे ही है।
प्रश्न 10: क्या भुगतान में कटौती होती है (कमीशन, ढुलाई)?
उत्तर: नहीं, MSP पूरा मिलता है। हालाँकि, यदि किसान मंडी तक ढुलाई के लिए किसी ठेकेदार को बुलाता है तो उसकी फीस अलग से देनी होती है, लेकिन सरकारी एजेंसी कोई कमीशन नहीं काटती।
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार ने 2026 की गेहूं खरीद को पारदर्शी, त्वरित और किसान-अनुकूल बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। 72 घंटे में भुगतान की व्यवस्था न केवल किसानों की नकदी की जरूरत पूरी करेगी, बल्कि मध्यस्थों की भूमिका भी समाप्त करेगी। किसानों से अनुरोध है कि वे समय पर पंजीकरण कराएँ, मानक गुणवत्ता बनाए रखें और अफवाहों से बचें। किसी भी समस्या पर तुरंत संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।