
देश भर के करोड़ों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए एक महंगी खबर सामने आई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (एचपीसीएल) ने शनिवार, 7 मार्च 2026 से घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि कर दी है। खास बात यह है कि लगभग 11 महीनों के अंतराल के बाद घरेलू गैस सिलेंडर महंगा हुआ है। यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ते दबाव और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक संकट के कारण हुई है। आइए, समझते हैं कि आपके शहर में नई दरें क्या हैं और इसका आपके मासिक बजट पर क्या असर पड़ेगा।
मार्च 2026 में एलपीजी मूल्य वृद्धि: एक नजर (Overview)
तेल विपणन कंपनियां हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमतों और विनिमय दरों के आधार पर एलपीजी की दरों की समीक्षा करती हैं। मार्च महीने के लिए यह संशोधन 7 मार्च से लागू हुआ है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रभावी तिथि | 7 मार्च 2026 से |
| मूल्य वृद्धि का कारण | मध्य पूर्व संकट, बढ़ता सऊदी अनुबंध मूल्य (CP), वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता |
| कीमतें कौन तय करता है? | सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) |
| समीक्षा अवधि | मासिक (प्रत्येक माह की शुरुआत में संशोधन संभव) |
महानगरों में नई एलपीजी दरें (New LPG Rates in Metros)
स्थानीय करों के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में एलपीजी की कीमतों में अंतर होता है। चारों महानगरों में 7 मार्च 2026 के बाद लागू नई दरें इस प्रकार हैं:
| महानगर | घरेलू एलपीजी (14.2 किलो सिलेंडर) | व्यावसायिक एलपीजी (19 किलो सिलेंडर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹913 (पहले ₹853) | ₹1,883 (पहले ₹1,768.5) |
| कोलकाता | ₹939 | ₹1,990 |
| मुंबई | ₹912.5 | ₹1,835 |
| चेन्नई | ₹928.5 | ₹2,043.5 |
दिल्ली में कीमतों में हुआ ये बदलाव (Price Change in Delhi)
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के संदर्भ में देखें तो इस बढ़ोतरी का सीधा असर साफ नजर आता है।
| सिलेंडर प्रकार | पुरानी कीमत (मार्च पूर्व) | नई कीमत (7 मार्च से) | कुल वृद्धि |
|---|---|---|---|
| घरेलू (14.2 किग्रा) | ₹853 | ₹913 | ₹60 प्रति सिलेंडर |
| व्यावसायिक (19 किग्रा) | ₹1,768.5 | ₹1,883 | ₹114.5 प्रति सिलेंडर |
पिछले एक साल में व्यावसायिक एलपीजी की कीमतों का रुझान (Trend of Commercial LPG Prices)
नीचे दी गई तालिका से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पिछले एक साल में चारों महानगरों में 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में कितना उतार-चढ़ाव आया है।
| माह (प्रति माह 1 तारीख) | दिल्ली (₹) | कोलकाता (₹) | मुंबई (₹) | चेन्नई (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 01 मार्च, 2026 | 1768.5 | 1875.5 | 1720.5 | 1929 |
| 01 फरवरी, 2026 | 1740.5 | 1844.5 | 1692 | 1899.5 |
| 01 जनवरी, 2026 | 1691.5 | 1795 | 1642.5 | 1849.5 |
| 01 दिसंबर, 2025 | 1580.5 | 1684 | 1531.5 | 1739.5 |
| 01 नवंबर, 2025 | 1590.5 | 1694 | 1542 | 1750 |
| 01 अक्टूबर, 2025 | 1595.5 | 1700.5 | 1547 | 1754.5 |
| 01 सितंबर, 2025 | 1580 | 1684 | 1531.5 | 1738 |
| 01 अगस्त, 2025 | 1631.5 | 1734.5 | 1582.5 | 1789 |
| 01 जुलाई, 2025 | 1665 | 1769 | 1616.5 | 1823.5 |
| 01 जून, 2025 | 1723.5 | 1826 | 1674.5 | 1881 |
| 01 मई, 2025 | 1747.5 | 1851.5 | 1699 | 1906 |
| 01 अप्रैल, 2025 | 1762 | 1868.5 | 1713.5 | 1921 |
| 01 मार्च, 2025 | 1803 | 1913 | 1755.5 | 1965 |
| 01 फरवरी, 2025 | 1797 | 1907 | 1749.5 | 1959.5 |
कीमतें क्यों बढ़ीं? (Reasons for Price Hike)
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मध्य पूर्व संकट: ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिका की भूमिका के कारण मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
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सऊदी अनुबंध मूल्य (CP) में वृद्धि: सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह मूल्य वृद्धि सऊदी अनुबंध मूल्य (Saudi Contract Price) में हुई बढ़ोतरी के कारण की गई है। सऊदी सीपी एक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क है, जो एलपीजी कार्गो के आयात की लागत निर्धारित करता है।
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वैश्विक ऊर्जा बाजार का दबाव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर एलपीजी की कीमतों पर भी पड़ता है।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत (Relief for Ujjwala Beneficiaries)
हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर महंगा हुआ है, लेकिन सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली सब्सिडी पर कोई असर नहीं पड़ा है। उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी पहले की तरह मिलती रहेगी।
एलपीजी सिलेंडर: घरेलू और व्यावसायिक में अंतर (Domestic vs Commercial LPG)
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घरेलू एलपीजी: आम घरों में खाना पकाने के लिए 14.2 किलोग्राम वजन वाले सिलेंडरों की आपूर्ति की जाती है। इन पर सरकार सब्सिडी दे सकती है और इन्हें केवल घरेलू उपयोग के लिए ही रखना होता है।
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व्यावसायिक एलपीजी: होटलों, रेस्तरां, कैफे, कैंटीन, अस्पतालों और औद्योगिक इकाइयों में उपयोग के लिए 19 किलोग्राम वजन वाले सिलेंडर दिए जाते हैं। इनकी कीमत घरेलू सिलेंडरों की तुलना में अधिक होती है और ये बिना सब्सिडी के बेचे जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: 7 मार्च 2026 को एलपीजी की कीमतों में क्या बदलाव हुआ?
उत्तर: 7 मार्च 2026 से घरेलू (14.2 किलो) और व्यावसायिक (19 किलो) दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि की गई है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर 114.5 रुपये महंगा हुआ है।
प्रश्न: घरेलू एलपीजी की कीमतों में इतने लंबे समय बाद बढ़ोतरी क्यों हुई है?
उत्तर: यह लगभग 11 महीनों में पहली बार हुई बढ़ोतरी है। इसका मुख्य कारण मध्य पूर्व के देशों में चल रहे संघर्ष और उससे उपजी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की अनिश्चितता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें बढ़ गई हैं।
प्रश्न: एलपीजी की कीमतें कौन तय करता है और कितनी बार बदलती हैं?
उत्तर: भारत में एलपीजी की कीमतें सरकारी तेल विपणन कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) तय करती हैं। आमतौर पर हर महीने की शुरुआत में इनकी समीक्षा की जाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के अनुसार संशोधन किया जाता है।
प्रश्न: क्या उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को इस बढ़ोतरी से कोई फर्क पड़ेगा?
उत्तर: सरकारी सूत्रों के अनुसार, उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी जारी रहेगी। हालांकि, बढ़ी हुई कीमत के कारण लाभार्थियों को थोड़ा अधिक भुगतान करना पड़ सकता है, क्योंकि सब्सिडी राशि समान है।
प्रश्न: व्यावसायिक और घरेलू एलपीजी सिलेंडर में क्या अंतर है?
उत्तर: मुख्य अंतर उपयोग और सब्सिडी का है। घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) केवल घरों में इस्तेमाल के लिए हैं और इन पर सब्सिडी मिल सकती है। व्यावसायिक सिलेंडर (19 किलो) होटल, रेस्तरां, अस्पताल आदि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बिना सब्सिडी के बेचे जाते हैं।
प्रश्न: मैं अपने शहर में एलपीजी की नवीनतम कीमत कैसे देख सकता हूँ?
उत्तर: आप अपनी गैस कंपनी (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम या हिंदुस्तान पेट्रोलियम) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर, या उनके द्वारा दिए गए मिस्ड कॉल या व्हाट्सएप सेवा के माध्यम से भी नवीनतम दरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
मार्च 2026 में एलपीजी की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी वैश्विक स्तर पर बढ़ती ऊर्जा लागत का प्रतिबिंब है। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ है, लेकिन उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए सब्सिडी जारी रहने से कुछ हद तक राहत मिलेगी। सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप कीमतों को संतुलित करने का प्रयास करती रहेंगी।