भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) का उद्देश्य आम नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं अत्यंत सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना है। वर्ष 2026 में इस योजना का और विस्तार किया गया है। अब देश भर में 12,000 से अधिक जनऔषधि केन्द्र खुल चुके हैं, जहाँ ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक कम कीमत पर दवाएँ मिलती हैं। इस लेख में हम योजना 2026 की नवीनतम जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, लाभ और तालिकाओं के माध्यम से पूरा विवरण देंगे।
योजना का उद्देश्य और मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | पीएम भारतीय जनऔषधि केन्द्र योजना (PMBJP) 2026 |
| प्रारंभ वर्ष | 2015 (विस्तार 2026) |
| नोडल एजेंसी | फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) |
| लक्ष्य | हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक जनऔषधि केन्द्र |
| मुख्य लाभ | ब्रांडेड दवाओं से 50-90% सस्ती जेनेरिक दवाएं |
| अतिरिक्त सुविधाएँ | सर्जिकल्स, स्वास्थ्य उपकरण, दूध, प्रोटीन सप्लीमेंट्स भी उपलब्ध |
| 2026 का नया अपडेट | ई-संजीवनी ओपीडी से जोड़ा गया, होम डिलीवरी की सुविधा 100 शहरों में शुरू |
पीएम जनऔषधि केन्द्र योजना 2026 के लाभ
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अत्यंत सस्ती दवाएँ – उदाहरण के लिए, एक ब्रांडेड एंटीबायोटिक जो ₹500 की है, वही जनऔषधि केन्द्र पर ₹80 में मिलती है।
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गुणवत्ता की गारंटी – सभी दवाएं आईएसओ प्रमाणित और एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जाँची जाती हैं।
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कोई सदस्यता शुल्क नहीं – कोई भी व्यक्ति बिना किसी रजिस्ट्रेशन फीस के यहाँ से दवा खरीद सकता है।
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दवाओं की विस्तृत श्रृंखला – 2000 से अधिक प्रकार की जेनेरिक दवाएँ, 700 सर्जिकल उत्पाद और 150 से अधिक न्यूट्रास्यूटिकल्स।
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रोजगार के अवसर – योजना के तहत केन्द्र खोलने से बेरोजगार युवाओं, फार्मासिस्टों और महिलाओं को स्वरोजगार मिलता है।
पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज़
| क्रम | पात्रता मानदंड | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | शैक्षणिक योग्यता | फार्मेसी डिप्लोमा (D.Pharm) या बी.फार्मा; अथवा बी.एससी/बी.कॉम के साथ ड्रग रिटेल लाइसेंस की संभावना |
| 2 | आयु सीमा | 18 वर्ष से अधिक |
| 3 | केंद्र के लिए स्थान | 100 वर्ग फुट का कमरा, जिला अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के पास प्राथमिकता |
| 4 | आवश्यक दस्तावेज़ | आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, दुकान का पट्टा/रजिस्ट्री, बैंक पासबुक |
| 5 | श्रेणी वरीयता | एससी/एसटी/ओबीसी/महिला/दिव्यांगजन को 30% अंकों की अतिरिक्त वरीयता |
जनऔषधि केन्द्र 2026 में कैसे खोलें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
यदि आप भी पीएम भारतीय जनऔषधि केन्द्र खोलना चाहते हैं, तो नीचे दी गई प्रक्रिया अपनाएँ:
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ऑनलाइन पंजीकरण – PMBI की आधिकारिक वेबसाइट (janaushadhi.gov.in) पर जाएँ। “Apply for Jan Aushadhi Kendra” पर क्लिक करें।
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आवेदन फॉर्म भरें – अपना नाम, पता, शैक्षणिक विवरण, प्रस्तावित स्थान का पता भरें।
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दस्तावेज़ अपलोड करें – सभी आवश्यक दस्तावेज़ PDF या जेपीजी में अपलोड करें।
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ऑनलाइन परीक्षा – आवेदन के बाद आपको जेनेरिक दवाओं और योजना के नियमों पर एक छोटी ऑनलाइन परीक्षा देनी होती है (50 अंक, 40% उत्तीर्ण)।
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प्रशिक्षण – चयनित उम्मीदवारों को 3 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है (ऑनलाइन या क्षेत्रीय केंद्र पर)।
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समझौता पत्र और मार्जिन मनी – ₹25,000 की सुरक्षा राशि (रिफंडेबल) और ₹15,000 का एकमुश्त पंजीकरण शुल्क जमा करना होता है।
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स्टोर खोलना – मंजूरी मिलने पर आपको दवाओं का प्रारंभिक स्टॉक ₹2-3 लाख का (PMBI द्वारा उधार पर) दिया जाता है।
नोट: वर्ष 2026 में सरकार ने महिला और दिव्यांग आवेदकों के लिए सुरक्षा राशि में 50% छूट दी है। अब उन्हें केवल ₹12,500 जमा करने होंगे।
जनऔषधि केन्द्र पर दवाओं के दाम (ब्रांडेड बनाम जेनेरिक)
| दवा का नाम (उदाहरण) | ब्रांडेड दवा का मूल्य (₹) | जनऔषधि जेनेरिक मूल्य (₹) | बचत (%) |
|---|---|---|---|
| एजिथ्रोमाइसिन 500mg (3 गोलियाँ) | ₹180 | ₹45 | 75% |
| ग्लाइमेपीराइड + मेटफॉर्मिन (10 टैब) | ₹120 | ₹25 | 79% |
| एटोरवास्टेटिन 20mg (10 टैब) | ₹150 | ₹35 | 77% |
| पैरासिटामोल 500mg (15 टैब) | ₹25 | ₹8 | 68% |
| इंसुलिन पेन सिरिंज | ₹120 | ₹40 | 67% |
| ओमेप्राजोल 20mg (10 कैप्सूल) | ₹85 | ₹18 | 79% |
| सीट्रिज़िन 10mg (10 टैब) | ₹20 | ₹5 | 75% |
वर्ष 2026 की नई सुविधाएँ (अपडेट)
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ऑनलाइन होम डिलीवरी – अब जनऔषधि ऐप (Jan Aushadhi Suvidha App) के माध्यम से दवा मंगवा सकते हैं। डिलीवरी शुल्क ₹20।
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ई-संजीवनी इंटीग्रेशन – ऑनलाइन डॉक्टर की सलाह के बाद दवा सीधे घर पहुँचेगी।
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विशेष शिविर – हर महीने के अंतिम रविवार को जनऔषधि निःशुल्क जांच शिविर लगते हैं।
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सब्सिडी वाले दूध और प्रोटीन – कुपोषण से लड़ने के लिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सस्ता पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या बिना डॉक्टर के पर्चे के जनऔषधि केन्द्र से दवा मिल सकती है?
उत्तर: नहीं, सभी दवाएँ केवल वैध डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) पर ही दी जाती हैं। यह नियम सुरक्षा के दृष्टिकोण से है।
प्रश्न 2: क्या जनऔषधि की दवाएँ कम असरदार होती हैं?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। ये दवाएँ ब्रांडेड दवाओं के समान सक्रिय तत्व (API) से बनती हैं और समान बायोइक्विवैलेंसी रखती हैं। इन्हें भारत सरकार की प्रयोगशालाओं में जाँचा जाता है।
प्रश्न 3: क्या कोई भी व्यक्ति जनऔषधि केन्द्र खोल सकता है?
उत्तर: जी हाँ, बशर्ते उसके पास फार्मेसी डिप्लोमा या ड्रग रिटेल लाइसेंस हो। बिना फार्मेसी डिग्री के केवल वे लोग केन्द्र खोल सकते हैं जो एक पंजीकृत फार्मासिस्ट को नियुक्त करें।
प्रश्न 4: जनऔषधि केन्द्र खोलने में कुल लागत कितनी आती है?
उत्तर: लगभग ₹50,000 से ₹1,00,000 (सुरक्षा राशि + पंजीकरण शुल्क + दुकान की साज-सज्जा)। प्रारंभिक दवा स्टॉक PMBI देता है, जिसका भुगतान बिक्री के बाद किया जाता है।
प्रश्न 5: क्या राज्यों में भी यह योजना चलती है?
उत्तर: हाँ, यह केंद्रीय योजना है और सभी राज्यों में लागू है। अब तक 700 से अधिक जिलों में केन्द्र खुल चुके हैं।
प्रश्न 6: क्या जनऔषधि केन्द्र से कैंसर या हृदय रोग की दवाएँ मिलती हैं?
उत्तर: हाँ, लगभग 150 से अधिक दवाएँ हृदय, मधुमेह, कैंसर (सहायक उपचार), अस्थमा और अन्य पुरानी बीमारियों के लिए उपलब्ध हैं।
प्रश्न 7: मैं अपने नजदीकी जनऔषधि केन्द्र का पता कैसे देख सकता हूँ?
उत्तर: PMBI की वेबसाइट पर “Locate Jan Aushadhi Kendra” पर क्लिक करें, अपना राज्य और जिला चुनें। सभी केन्द्रों की सूची मानचित्र के साथ दिख जाएगी।
प्रश्न 8: क्या दवाओं की होम डिलीवरी 2026 में सभी जगह उपलब्ध है?
उत्तर: फिलहाल 100 चुनिंदा शहरों (मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, पटना, भोपाल, अहमदाबाद आदि) में उपलब्ध है। 2027 तक सभी जिला मुख्यालयों में विस्तार किया जाएगा।
राज्यवार जनऔषधि केन्द्रों की संख्या (2026 के आँकड़े)
| राज्य | केन्द्रों की संख्या (लगभग) | लाभार्थियों की मासिक संख्या |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 1850 | 50 लाख+ |
| महाराष्ट्र | 1400 | 42 लाख+ |
| बिहार | 950 | 30 लाख+ |
| मध्य प्रदेश | 1100 | 28 लाख+ |
| तमिलनाडु | 800 | 25 लाख+ |
| राजस्थान | 750 | 22 लाख+ |
| पश्चिम बंगाल | 620 | 18 लाख+ |
| राष्ट्रीय योग | 12,000+ | 4.5 करोड़+ (वार्षिक) |
निष्कर्ष
पीएम भारतीय जनऔषधि केन्द्र योजना 2026 ने स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति ला दी है। यह न केवल गरीब से गरीब व्यक्ति को सस्ती दवा उपलब्ध कराती है, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित करती है। यदि आप स्वयं केन्द्र खोलने के इच्छुक हैं, तो आज ही आवेदन करें। यदि आप उपभोक्ता हैं, तो अपने नजदीकी जनऔषधि केन्द्र का पता लगाएँ और अपने परिवार के स्वास्थ्य खर्च में 70-80% की कटौती करें। सरकार का लक्ष्य “महंगी दवा से मुक्ति – सस्ती दवा से सेहत” है।